02. हमें अपनी कुलदेवी/कुलदेवता की पूजा क्यों करनी चाहिए?
हमें अपनी कुलदेवी/कुलदेवता की पूजा क्यों करनी चाहिए?
सनातन हिन्दू धर्म में प्रत्येक गृहस्थ के लिए अपने-अपने कुलदेवता।कुलदेवी की पूजा करने की परम्परा है । प्रत्येक शुभ कार्य में चाहे परिवार में किसी का विवाह हो तो नववधू को कुलदेवता/कुलदेवी के दर्शन के लिए ले जाते हैं या बच्चे का मुण्डन संस्कार हो या छठी परोजन—सभी में कुलदेवता/कुलदेवी की पूजा की परम्परा है । अपने-अपने वंश-परम्परा में हमारे पूर्वजों द्वारा जो भी देवी-देवता पूजित होते आ रहे हों, आराध्य हों; मनुष्य को उनका पूजन अवश्य करना चाहिए । इसके कई लाभ हैं—
इससे, वंश, कुल तथा मर्यादा की रक्षा होती है ।
वंश नष्ट नहीं होने पाता है ।
परिवार में श्रेष्ठ संतानें जन्म लेती हैं ।
परिवार में सुख-शान्ति बनी रहती है ।
बच्चे संस्कारवान बनते हैं ।
परिवार को सद्कीर्ति और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है ।
पूर्वजों की कुल-परम्परा को निभाने से परिवार दीर्घायु होता है, परिवार में अकाल-मृत्यु नहीं होती है ।
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